भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) : एनकाउंटर से पहले का वीडियो हो रहा वायरल, लोग उठा रहे हैं सवाल

Raviranjan Kumar

June 21, 2026

भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) ने बिहार सरकार की टेंसन और बढ़ा दी है। आपको बताते चलें की बिहार के भोजपुर में हुए एनकाउंटर के मामले में एक और नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे भरत तिवारी के द्वारा यह इच्छा ज़ाहिर किया जा रहा है की मौत के बाद उनके शरीर को भारतीय सेना को दान कर दिया जाए। और यदि ऐसा करना संभव ना हो सके तो उनके शरीर को ग़रीब और असहाय लोगों के हित में उपयोग में लाया जाए। इसी के साथ वे यह भी कहते हैं की उनके जाने के बाद उनका मोबाइल उनके माता पिता के अलावा किसी और के हाथ में नहीं जाए।

Bharat Tiwari Encounter: आख़िर भरत तिवारी के मोबाइल में क्या है ऐसा ?

भारत तिवारी एक वीडियो में साफ़ कह रहे हैं की उनके बाद उनका मोबाइल फ़ोन उनके माता पिता के अलावा किसी और के पास नहीं जाना चाहिए। उनका मानना है की मोबाइल में मौजूद ऐसे जानकारी और प्रमाण जो की अगर मोबाइल कोई और लेता है तो उस प्रमाण को मिटा सकता है। भरत ने यह भी कहा की उन्होंने हरेक महत्वपूर्ण जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए अपने मोबाइल का उपयोग किया है।

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भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) मामले में पवन सिंह ने किया एक पोस्ट

भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) मामले में बीजेपी एमएलसी पवन सिंह (BJP MLC PAWAN SINGH) ने अपने एक्स पर लिखा की “गांव बेल्टौती, भोजपुर के निवासी स्वर्गीय श्री भरत भूषण तिवारी जी केवल चाहते थे कि सार्वजनिक प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करें और गरीब, वंचित और बाढ़ प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित न करें।

श्री भरत भूषण तिवारी जी (Bharat Bhushan Tiwari Ji) एक सतर्क और संवेदनशील व्यक्ति थे जिन्होंने समाज के लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा ग़रीबों, असहाय, दलितों और ज़रूरतमंद लोगों के लिए अपनी आवाज़ उठाई। कोरोना महामारी, बाढ़ और अन्य कठिन परिस्थितियों के दौरान, उन्होंने अपनी क्षमता से अधिक सामाजिक सेवा की। उनके ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और समाज के सदस्यों के सहयोग से सार्वजनिक हित के लिए काम करते देखा जाता है।

पवन सिंह ने यह भी कहा की हर नागरिक को न्याय का हक है। कानून का शासन और इस लोकतंत्र को तभी मजबूत माना जाता है जब हर तरह के घटना पर बिना किसी भेद भाव के जांच हो और दोषियों को सजा हो।”

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